Friday, July 8, 2016

Breaking News : विश्व बैंक बिहार को देगा 29 करोड़ डॉलर


विश्व बैंक ने बिहारवासियों को एक खुशखबरी दी है।
 विश्व बैंक ने बिहार में गरीबों काे आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार के साथ आज 29 करोड़ डॉलर के ऋण का करार किया। बिहार ट्रांसफॉर्मेटिव डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (जीविका-2) नामक इस परियोजना से 300 प्रखंडों और 32 जिलों के लोगों को लाभ मिलेगा।

विश्व बैंक ने बताया कि इस धन राशि का उपयोग ग्रामीणों को स्वयं सहायता समूह बनाने तथा बाजार, सार्वजनिक सेवाओं तथा वित्तीय सेवाओं तक पहुँच उपलब्ध कराने के लिए किया जायेगा। उन्हें वाणिज्यिक बैंकों तथा अन्य औपचारिक प्रतिष्ठानों के जरिये वित्तीय सहायता मुहैया कराई जायेगी।
परियोजना में महिलाओं को प्राथमिकता दी जायेगी।महिलाओं की स्वामित्व वाली कृषि उत्पाद कंपनियों की स्थापना के लिए मदद की जायेगी।महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को भी पैसे मुहैया कराये जायेंगे।

समेकित बाल विकास कार्यक्रम तथा स्वच्छ भारत अभियान के जरिये पोषण, हाइजिन तथा साफ-सफाई को बढ़ावा इस परियोजना का लक्ष्य होगा।जीविका का पहला चरण 2007 में शुरू किया गया था।इसके तहत 42 प्रखंड तथा छह जिलों में यह परियोजना चलाई गई थी।वर्ष 2012 में इसके लिए और वित्तीय सहायता उपलब्ध करा कर 60 प्रखंडों तक इसका विस्तार किया गया।इससे गरीब घरों की लगभग 18 लाख महिलाओं को फायदा हुआ है।इसके तहत डेढ़ लाख स्वयं सहायता समूह बनाये गये।

इन समूहों को नौ हजार 500 ग्रामीण संगठनों के तहत रखा गया जिन्हें पुन: 161 क्लस्टर लेवल फेडरेशन बनाकर उनके तहत लाया गया।दूसरे चरण में आजीविका-2 के तहत उन 32 जिलों और 300 प्रखंडों को शामिल किया जायेगा जो पहले चरण का हिस्सा नहीं थे।
परियोजना के ऋण दस्तावेज पर भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामले विभाग में संयुक्त सचिव राज कुमार, बिहार सरकार की ओर से ग्रामीण विकास विभाग में सचिव अरविंद कुमार चौधरी तथा विश्व बैंक की तरफ से भारत में कार्यवाहक निदेशक जॉन ब्लामकिस्ट ने हस्ताक्षर किये।

लालू ने कहा फिल्मों में काम तो करूँगा लेकिन हीरो मैं ही रहूंगा

ईद के अवसर पर अभिनेता इरफ़ान खान ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। इरफान लालू प्रसाद से कई सवाल भी किए। जब लालू प्रसाद से पूछा गया कि आप इरफान की फिल्म में काम करेंगे तो लालू ने कहा कि काम तो करेंगे, लेकिन हीरो मैं ही रहूंगा। फिल्म मदारी के प्रोमोशन के लिए इरफान पटना आए हुए है। इरफान की फिल्म मदारी 22 जुलाई को रिलीज होने वाली है।



इरफान ने कहा-आम आदमी की फिल्म है मदारी
इरफान ने कहा कि फिल्म मदारी आम आदमी की फिल्म है जिसमें एक व्यक्ति के जमुरा से मदारी बनने की कहानी दिखाई गई है। इरफान ने कहा कि मैं आम आदमी की तरह ही राजनेता लालू जी से सवाल पूछने आया हूं और उम्मीद है कि सारे सवालों का जवाब लालू जी से मिलेगा। लालू से पूछने के लिए मेरे पास कई सवाल है।

मौका मिला तो सीएम नीतीश से करूंगा मुलाकात
इरफान ने कहा कि मौका मिला तो बिहार के सीएम नीतीश कुमार से भी मुलाकात हो सकती है। टीम ने अलग-अलग लोगों को भेजा है जिसमें लालू से समय मिला लेकिन अगर मौका मिला तो नीतीश से भी जरूर मिलूंगा। इरफान ने कहा कि मेरी फिल्म मदारी राजनीति को नहीं बल्कि सिस्टम की खामियों को दिखाता है।

बिहार के रवीश कुमार जर्नलिस्ट ऑफ़ द ईयर

बिहारी हर क्षेत्र में सबसे आगे निकल रहे है भला अब न्यूज-मीडिया के क्षेत्र में कोई बिहारी कैसे छूट जायेगा।


एनडीटीवी के प्रमुख पत्रकार रविश कुमार को जर्नलिस्ट ऑफ़ द ईयर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. मुम्बई प्रेस क्लब के द्वारा आयोजित रेड इंक अवार्ड में पत्रकारों को प्रतिष्ठित रेड इंक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। और भी पत्रकारों को अवार्ड मिले हैं जिनमें से इंडियन एक्सप्रेस समेत NDTV के पत्रकार शामिल हैं. जबकि रवीश कुमार को जर्नलिस्ट ऑफ़ द ईयर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। पुरस्कार केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव द्वारा प्रस्तुत किए गए।    उल्लेखनीय है कि रविश कुमार बिहार के जिला मोतिहारी के निवासी हैं उन्होंने अपनी प्राइमरी शिक्षा यहीं से ली है यह पहले ऐसे पत्रकार हैं जिसके बहुत से फैन हैं और बहुत से पत्रकार भी इनको अपना आदर्श मानते हैं.
रवीश कुमार एनडीटीवी के अबतक के सबसे जानेमने एंकर के रूप में मशहूर हैं। अपने बेबाक लेखनी और ब्लॉग के चलते भी रवीश के कई फैन हैं।

फिर से आईआईटी फैक्ट्री बनने के राह पर राजधानी पटना

पिछले कुछ रिपोर्टों के आधार पर ऐसा लग रहा है कि पटना फिर से IIT फैक्ट्री बनने की राह पर अग्रसर है. सन् 90 के दशक में भी पटना, जमशेदपुर, बोकारो इत्यादि जगहों से IIT के लिए खूब चयन होता था लेकिन बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था ने वो संभावना लील ली. मैं उस जमाने में पटना में था जब प्रो. एस लाल को पटना साईंस कॉलेज के सामने गोली मार दी गई और के.सी सिन्हा सुरक्षा गार्ड रखने लगे थे. एक बनते कोचिंग हब के रूप में पटना का पतन हो रहा था और कोटा का उदय हो रहा था.



कोटा में जेके सिंथेटिक्स में काम करनेवाले वी. के बंसल ने अपनी बीमारी के बाद कोचिंग शुरू कर दी. कुछ बेरोजगार इंजीनियर भी उसमें शामिल हो गए. एक गर्म इलाके में एक उंघता-उनींदा सा शहर कोटा परवान चढ़ता गया. क्योंकि राजस्थान में कानून-व्यवस्था अच्छी थी और शहर को ठीकठाक बिजली मिल जाती थी. लेकिन हमारे पटना में ऐसा होना बंद होने लगा था. बाद में पटना के कई शिक्षकों ने कोटा में जाकर नौकरी कर ली. बिहार के गांव-गांव से बच्चे कोटा में जाकर किरायेदार बन गए. ऐसा पिछले 20 साल में हुआ. लेकिन बिहार की वो ऊर्जा, वो जीजिविषा खत्म नहीं हुई हैं. जमीन के अंदर उसकी जड़ अभी भी बरकरार है, बिहारियों में वो क्षमता है बिहार के तमाम मेंटर्स अगर जो दूसरे राज्यों में कोचिंग चला कर अच्छा परिणाम दे रहे हैं अगर वो बिहार की तरफ रुख कर जाये तो इसमें कोई संका नही है की बिहार देश का सबसे बड़ा आईआईटी का फैक्ट्री बन जायेगा।
बिहार के एक-एक गांवों से पढ़कर 10-10 बच्चे आईआईटी जा रहे हैं जो की बिहार के लिए कभी आश्चर्य का विषय नही रहा। बिहार की मिट्टी इतनी उपजाऊ है ही इसमें किंतु-परन्तु की कोई बात नही है।

Thursday, July 7, 2016

आईआईटी पटना कैंपस के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने मंजूर किए और 918 करोड़ रुपए

कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने IIT पटना के कैंपस निर्माण के लिए 760 करोड़ रुपए मंजुर किए थे। लेकिन,बजट को संशोधित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने बुधवार को पटना समेत देश में आठ साल पहले स्थापित आईआईटी के आठ परिसरों के निर्माण के लिए संशोधित बजट को मंजूरी दी।इससेपहले 760 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। लेकिन,बजट को संशोधित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने बुधवार को पटना समेत देश में आठ साल पहले स्थापित आईआईटी के आठ परिसरों के निर्माण के लिए संशोधित बजट को मंजूरी दी।आईआईटी पटना के कैंपस के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 918 करोड़ रुपए और मंजूर किए हैं हो गया है,जहां अभी काम चल रहा है। आईआईटी-बांबे और कानपुर जैसे पुराने आईआईटी की टक्कर का पटना आईआईटी का नया कैंपस बनाया जा रहा है। कैंपस में मॉडर्न और लग्जरी फैसिलिटीज हैं। वाई-फाई कैंपस है। रिसर्च के लिए मॉडर्न लैब है। साथ ही हाईटेक लाइब्रेरी और क्लासरूम भी हैं। इसे और डेवलप किया जाएगा।



2008 में पॉलीटेक्निक बिल्डिंग में शुरू हुआ था

वर्ष2008 में पटना को आईआईटी की सौगात मिली थी। तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने इसकी नींव रखी थी। तब पटना आईआईटी के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पाॅलीटेक्निक पटना की नई बिल्डिंग में जगह दिला दी थी। संस्थान के रजिस्ट्रार सुभाष पांडे ने कहा कि पहले स्वीकृत राशि को रिवाइज किया गया है। कैंपस में काम अब भी चल रहा है। छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पैसों को खर्च किया जाएगा। फेज-वाइज काम होगा,कम से कम पांच साल लग जाएंगे।

बिहार की पहली मुस्लिम बेटी बनी आईपीएस

यूपीएससी का रिजल्ट निकले और बिहारी इतिहास न दर्ज करे ऐसा कभी नही हुआ है। इस बार भी एक नया इतिहास बना जिसका इंतजार कई दशकों से था।
गुंचा सनोबर बिहार की पहली मुस्लिम महिला आईपीएस बनने जा रही हैं.



सनोबर को यूपीएससी के सिविल सर्विसेज परीक्षा में 424 वां रैंक मिला है और इस तरह वह बिहार की पहली मुस्लिम आईपीएस होने का गौरव प्राप्त करने वाली हैं.

हालांकि इससे पहले बिहार की ही सहला निगार 2010 में आईएएस बन चुकी हैं.

2014 के सिविल सेवा परीक्षा में देश भर से कुल 37 छात्र सफल रहे हैं इनमें बिहार की गुंचा सनोबर के अलावा  नबील अहमद रैंक 262 और मुदस्सर शरीफ रैंक 420 भी इस परीक्षा में कामयाब रहे हैं.



पिता आईपीएस, बहनें डॉक्टर

गुंचा सनोबर पटना के तेज तर्रार सिटी एसपी रह अनवर हुसैन की बेटी हैं. सनोबर तीन बहनों में मझली हैं. जेबा परवीन और खुशबू यासमीन मेडिकल की पढाई कर रही हैं.

सनोबर की शानदार सफलता पर पिता अनवर हुसैन ने कहा कि रमजान और ईद का इससे बड़ा तोहफा और क्या हो सकता है.

अनवर मानते हैं कि सनोबर की सफलता मुस्लिम समाज की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा साबित हो सकती है.

गौरतलब है कि मुसलमानों में शिक्षा की दर समाज के अन्य वर्गों की अपेक्षा कम है, ऐसे में सनोबर की सफलता एक मिसाल है.अनवर हुसैन मूल रूप से पश्चिम चम्पारण के रहने वाले हैं.

सनोबर ने इल्कट्रानिक्स में इंजिनियरिंग किया है. उन्होंने यह सफलता दूसरी कोशिश में हासिल की.

सनोबर को बिहार कैडर मिलेगा या नहीं, फिलहाल यह कहना कठिन है लेकिन उनका कहना है कि अगर मौका मिले तो वह बिहार की सेवा जरूर करना चाहेंगी.

ईद के मौके पर सीएम नीतीश कुमार ने दिया पटना को बड़ा तोहफा

पटनवासियों के लिए ईद पर एक बड़ी खुशखबरी है। नीतीश सरकार ने ईद के ठीक एक दिन पहले पटना वासियों को एक बड़ी सौगात दी. सरकार ने गोला रोड फ्लाईओवर से सगुना मोड तक बेली के सर्विस लेन के बगल में 2.5 किलोमीटर लम्बा और ३ मीटर चौड़ा जॉगिंग ट्रैक बनाने की योजना बनाई है. ट्रैक पर दो ओपन जिम, शौचालय, पेयजल और मनभावन स्ट्रीट लाइट भी लगायी जायेगी. जौगिंग ट्रैक पर प्रत्येक 100 मीटर की दुरी पर पर बैठने के लिए बेंच भी लगाया जायगा.



कमिश्नर आनंद किशोर ने रूपसपुर थाने के पास बेली रोड के दोनों तरफ सर्विस लेन का निरीक्षण किया. उन्होंने इस क्षेत्र को आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने के लिए 9 जुलाई तक डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया है. इस योजना में करीब 22 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है. इस क्षेत्र में आबादी बढ़ने के बावजूद अभी तक पार्क नहीं है. जॉगिंग ट्रैक बन जाने से लोगों को सुविधा मिल जाएगी. कमिश्नर ने दानापुर एसडीएम और सीओ को नया पार्क बनाने के लिए दो स्थलों को चिह्न्ति कर प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया है. इस क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने से इस क्षेत्र का विकास नहीं हो सका है.